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पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकिस करवट सोना चाहिà¤- जानिठरहसà¥à¤¯
हर पति पतà¥à¤¨à¥€ की इचà¥à¤›à¤¾ होती है कि उनको à¤à¤• पà¥à¤¤à¥à¤° की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हो। पà¥à¤¤à¥à¤° की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ को लेकर पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ काल से ही à¤à¤• विशेष इचà¥à¤›à¤¾ रही है। पà¥à¤¤à¥à¤° होने के बहà¥à¤¤ सारे फायदे होते हैं।
पà¥à¤¤à¥à¤° ही वंश को आगे बढ़ाता है à¤à¤µà¤‚ आगे चलकर के à¤à¤• सà¥à¤ªà¥à¤¤à¥à¤° अपने माता-पिता का सहारा बनता है। अतः पà¥à¤¤à¥à¤° की कामना हर पति पतà¥à¤¨à¥€ की होती है। पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकिस करवट सोना चाहिठà¤à¤µà¤‚ वासà¥à¤¤à¥ शासà¥à¤¤à¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ नियम हैं।
कामसूतà¥à¤° अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ वातà¥à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¨ ने पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ उपाय बताठहैं इन सà¤à¥€ बातों की चरà¥à¤šà¤¾ आज हम करने जा रहे हैं। यदि आप à¤à¥€ पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ को लेकर चिंतित हैं तो आज का यह आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल आपके लिठकाफी उपयोगी होगा।
हम आपको पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हर पà¥à¤°à¤•ार की जानकारी यहां पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर रहे हैं। विशेष रूप से पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकिस करवट सोना चाहिठà¤à¤µà¤‚ पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के उपाय कà¥à¤¯à¤¾ हैं। इन सà¤à¥€ बातों की चरà¥à¤šà¤¾ हम करने जा रहे हैं।
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के उपाय-
यदि किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है तो उसका समाधान à¤à¥€ जरूर होता है। पà¥à¤¤à¥à¤° ना होने की समसà¥à¤¯à¤¾ का à¤à¥€ समाधान है। यदि किसी को पà¥à¤¤à¥à¤° की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ नहीं हो रही हो तो इसके लिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के उपाय हैं।
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठविशेष अनà¥à¤·à¥à¤ ान किठजा सकते हैं। पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठजà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤· के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ उपाय किठजाते हैं। पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठवासà¥à¤¤à¥ शासà¥à¤¤à¥à¤° का à¤à¥€ सहारा लिया जाता है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठवातà¥à¤¸à¤¾à¤¯à¤¨ का कामसूतà¥à¤° à¤à¥€ अति उपयोगी है।
पति पतà¥à¤¨à¥€ को संà¤à¥‹à¤— करने के दौरान कà¥à¤› विशेष नियमों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤à¥¤ इसके विषय में कामसूतà¥à¤° में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताया गया है। पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकिस करवट सोना चाहिठइसके बारे में à¤à¥€ कामसूतà¥à¤° में कà¥à¤› आवशà¥à¤¯à¤• बातें बताई गई हैं। आइठजानते हैं-
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकिस करवट सोना चाहिà¤
वातà¥à¤¸à¤¾à¤¯à¤¨ ने अपने काम सूतà¥à¤° में à¤à¤• सà¥à¤–द गृहसà¥à¤¥ जीवन पाने के लिठअनेक पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उपाय बताठहैं। पà¥à¤¤à¥à¤° की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ कैसे होती है, पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ कैसे होती है इन सà¤à¥€ बातों को वातà¥à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¨ ने à¤à¤²à¥€-à¤à¤¾à¤‚ति सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ किया है।
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकिस करवट सोना चाहिठइसके विषय में वातà¥à¤¸à¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¨ बताते हैं कि पतà¥à¤¨à¥€ को पति के बाà¤à¤‚ तरफ ही सोना चाहिà¤à¥¤ जब à¤à¥€ पति पतà¥à¤¨à¥€ दोनों साथ में सोते हैं तो पतà¥à¤¨à¥€ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है कि वह पति के बाई तरफ सोये। संà¤à¥‹à¤— करते वकà¥à¤¤ à¤à¥€ पतà¥à¤¨à¥€ को कà¥à¤› समय पहले बाई तरफ सोना चाहिà¤à¥¤ इससे पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है।
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकिसकी पूजा करनी चाहिà¤?
पà¥à¤¤à¥à¤° की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठविशेष रूप से à¤à¤—वान शंकर à¤à¤µà¤‚ à¤à¤—वान विषà¥à¤£à¥ की पूजा करने से विशेष फल मिलता है। पौष मास की शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· की à¤à¤•ादशी को पà¥à¤¤à¥à¤°à¤¦à¤¾ à¤à¤•ादशी होती है।
इस पà¥à¤¤à¥à¤°à¤¦à¤¾ à¤à¤•ादशी का जो à¤à¥€ à¤à¤•à¥à¤¤ वà¥à¤°à¤¤ रखता है à¤à¤µà¤‚ à¤à¤—वान विषà¥à¤£à¥ की पूजा करता है। उसे निसंदेह पà¥à¤¤à¥à¤° की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ à¤à¤—वान शिव à¤à¤µà¤‚ पारà¥à¤µà¤¤à¥€ दोनों की à¤à¤• साथ पूजा करने से à¤à¥€ पà¥à¤¤à¥à¤° कामना फलित होती है।
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकौन सा मंतà¥à¤° जाप करना चाहिà¤
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठà¤à¤—वान शिव की पूजा करनी चाहिठपारà¥à¤µà¤¤à¥€ सहित à¤à¤—वान शंकर की पूजा करने से शीघà¥à¤° ही पà¥à¤¤à¥à¤° की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ à¤à¤—वान विषà¥à¤£à¥ की पूजा करने से à¤à¥€ पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है। à¤à¤—वान शिव के पंचाकà¥à¤·à¤° मंतà¥à¤° का जप करने से पà¥à¤¤à¥à¤° की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ हो जाती है। पà¥à¤¤à¥à¤° की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठनिमà¥à¤¨ मंतà¥à¤°à¥‹à¤‚ का जाप कर सकते हैं।
शिव पà¥à¤°à¤¾à¤£ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के उपाय
शिव पà¥à¤°à¤¾à¤£ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤¤à¥à¤° की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठà¤à¤—वान शंकर की शरण में जाना चाहिठमां गौरा सहित à¤à¤—वान शंकर की पूजा करनी चाहिà¤à¥¤ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ ही पà¥à¤¤à¥à¤° की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है।
शिव पà¥à¤°à¤¾à¤£ में पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठà¤à¤• अनà¥à¤¯ बात à¤à¥€ कही गई है कि संतान गोपाल का मंतà¥à¤° जाप करने से पà¥à¤¤à¥à¤° की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है। इस संतान गोपाल मंतà¥à¤° का शà¥à¤ मà¥à¤¹à¥‚रà¥à¤¤ में सवा लाख जप करें à¤à¤µà¤‚ à¤à¤—वान शà¥à¤°à¥€ कृषà¥à¤£ बालमà¥à¤•à¥à¤‚द की पूजा करें। इससे पà¥à¤¤à¥à¤° की कामना शीघà¥à¤° पूरà¥à¤£ होती है।
गरà¥à¤¡à¤¼ पà¥à¤°à¤¾à¤£ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के उपाय
गरà¥à¤¡à¤¼ पà¥à¤°à¤¾à¤£ में à¤à¥€ पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की बातें बताई गई हैं। गरà¥à¤¡à¤¼ पà¥à¤°à¤¾à¤£ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पतà¥à¤¨à¥€ को माहवारी के समय बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤šà¤°à¥à¤¯ का पालन अवशà¥à¤¯ करना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤¤à¥à¤° की कामना रखने वाले पति पतà¥à¤¨à¥€ को सोमवार बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° अथवा शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤° को गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करना चाहिà¤à¥¤ इसके अतिरिकà¥à¤¤ गरà¥à¤¡à¤¼ पà¥à¤°à¤¾à¤£ में पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ अथवा संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठअनà¥à¤¯ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ बातें बताई ग‌ई हैं।
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकौन सा पेड़ लगाना चाहिà¤
हिंदू धरà¥à¤® में पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठघर में पलाश का पेड़ अवशà¥à¤¯ लगाना चाहिà¤à¥¤ पीपल अशà¥à¤µà¤—ंधा का पेड़ लगाने से à¤à¥€ पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ की इचà¥à¤›à¤¾ पूरà¥à¤£ होती है। à¤à¤¸à¤¾ शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में उलà¥à¤²à¥‡à¤– पाया जाता है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ नीम गà¥à¤¡à¤¼à¤¹à¤² नागकेशर आदि के पेड़ à¤à¥€ पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ अथवा संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठशà¥à¤ माने जाते हैं।
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठनारियल का बीज कब खाना चाहिà¤
हिंदू धरà¥à¤® में नारियल के बीज से विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की सिदà¥à¤§à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होती हैं। पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठà¤à¥€ नारियल का बीज बेहद फायदेमंद बताया जाता है। सोमवार को à¤à¤—वान शंकर की पूजा करते हà¥à¤ शिवलिंग में नारियल का बीज अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ करना चाहिठà¤à¤µà¤‚ अगले दिन मंगलवार को सà¥à¤¬à¤¹ इस नारियल के बीच को पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ रूप में गà¥à¤°à¤¹à¤£ कर अपने घर ले आà¤à¤‚।
इस को पानी में à¤à¤¿à¤—ो दें à¤à¤µà¤‚ शाम को इस बीज को हनà¥à¤®à¤¾à¤¨ जी का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाते हà¥à¤ गाय के दूध के साथ में निहारते हà¥à¤ खा लेना चाहिà¤à¥¤ कोशिश करें कि इस नारियल के बीज को चबाकर ना खाà¤à¤‚ बलà¥à¤•ि à¤à¤• साथ निगल लें। माना जाता है कि इससे शीघà¥à¤° ही संतान की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ अथवा पà¥à¤¤à¥à¤° की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती है।
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